Surya Loka

Surya-Loka सुर्य ☀

Similarly, the Surya-Loka refers to the sphere of the Sun-god and the Solar neighborhood. It is located at a height of 1,00,000 Yojans above the Earth.

The Most importnt thing about this Loka is that it is situated bang in the middle of the Bhuloka and Bhuvarloka, rotating through the time circle of the zodiac. Thus, it represents not only the center of the Solar System, but ALSO the center of the Universe!!

Surya-Loka represents the center of our Universe

Since all observable data has shown the Universe to be expanding all around us, it MAY in fact BE true that our Solar System occupies the central position in the Egg-shaped Universe that we exist in. Those interested in knowing more can go through this article by Dr. Russel Humphrey – {Our-galaxy-is-the-centre-of-the-universe-quantized-redshifts-show}.

It is not so easy to determine the real space structure of the universe because there’s no INDEPENDENT measure of distance in the universe. Hence, the astronomers have to look at a map of redshifts and directions in the sky from where the light has come. Then to get the distance to the source galaxy they have to assume the Hubble law.

Such observations have confirmed that numerical values of galaxy redshifts are ‘quantized’, tending to fall into distinct groups. According to Hubble’s Law, redshifts are proportional to how far a Galaxy is from us and an analysis of these shifts shows that galaxies tend to be grouped into (conceptual) spherical shells concentric around our home galaxy, the Milky Way.

Sun Mantra

SUN Surya Mantra सुर्य मंत्र

PLANET MANTRA

Sun Planet Mantra सुर्य मंत्र साधना Remove Negative effect from soul chakra by mantra meditation and offer water in morning .
Sun is Solar deities and Sun worship can be found throughout most of recorded history in various forms, including the Shiv dharma , the Hindu Surya

the Japanese Amaterasu, the Germanic Sól, and the Aztec Tonatiuh, among others.
The Sun is the star at the center of the Solar System and place in Manipur Chakra . It is a nearly perfect sphere of hot plasma, with internal convective motion that generates a magnetic field via a dynamo process.. It is by far the most important source of energy for life on Earth. Without Sun no life nobody can survive on earth

, Its diameter is about 109 times that of Earth, and its mass is about 330,000 times that of Earth, accounting for about 99.86% of the total mass of the Solar System. About three quarters of the Sun’s mass consists of hydrogen (~73%); the rest is mostly helium (~25%), with much smaller quantities of heavier elements, including oxygen, carbon, neon, and iron.

SUN Surya

Sun Mantra – Surya For Surya or Sun related troubles and during the dasa or antardasa of sun:
1. Worship the ruling deity Lord Shiva Mantra also 5 round of Rosary – OHM NAMHA SHIVAY

2. Recite Aditya Hridaya stotra daily or Gayatri Meditation Mantra daily.
Offer Water with Dhrub mix milk , to Sun in the morning with Sun Mantra.

3. Japa Surya Mala (Rosary) of Sun’s moola mantra for meditation: in front of Sun Yantra with Yantra Rosary

Chant Mantra -1

“Om hram hreem hroum sah suryaya namah”

, 6000 times in 40 days

2- Surya mantra

ॐ ह्रीं ह्रौं सूर्याय नमः ||

Om Hring Hraung Suryay Namah ||.

SUN PLANET सुर्य

Sun सुर्य It is also known as आदित्य. It is the ruler of all the planets. Sun stands for father, spirit, success, intellect, strength, wisdom, fortune, will power, fame, wealth, vigor, dignity, ardor and generosity, from Muladhar Chakra.SUN PLANET MANTRASun Planet Mantra सूर्य मंत्र साधना Remove Negative effect from soul chakra by mantra meditation and offer water in morning .
Sun is Solar deities and Sun worship can be found throughout most of recorded history in various forms, including the Shiv dharma , the Hindu Suryathe Japanese Amaterasu, the Germanic Sól, and the Aztec Tonatiuh, among others.
The Sun is the star at the center of the Solar System and place in Manipur Chakra . It is a nearly perfect sphere of hot plasma, with internal convective motion that generates a magnetic field via a dynamo process.. It is by far the most important source of energy for life on Earth. Without Sun no life nobody can survive on earth, Its diameter is about 109 times that of Earth, and its mass is about 330,000 times that of Earth, accounting for about 99.86% of the total mass of the Solar System. About three quarters of the Sun’s mass consists of hydrogen (~73%); the rest is mostly helium (~25%), with much smaller quantities of heavier elements, including oxygen, carbon, neon, and iron.It is the power of the individual to meet the challenges of everyday life. It also shows the ability for a person to function as a mature. It rules royalty and higher office. The sun represents kings, government officials, people in government service and leaders. It represents wealthy or famous people, as well as those living in or connected with a, temple or Shiva Dharma religious institution. It also represents creative people like artists, actors, jewelers, gemologists, leadres .

Sun complete one cycle of zodiac in 12 months and thus it’s remain in zodiacal sign for one month.SUN MANTRASun Mantra – Surya For Surya or Sun related troubles and during the dasa or antardasa of sun:
1. Worship the ruling deity Lord Shiva Mantra also 5 round of Rosary – OHM NAMHA SHIVAY2. Recite Aditya Hridaya stotra daily or Gayatri Meditation Mantra daily.
Offer Water with Dhrub mix milk , to Sun in the morning with Sun Mantra.3. Japa Mala of Sun’s moola mantra for meditation: in front of Sun Yantra with Yantra Rosary Chant Mantra –
“Om hram hreem hroum sah suryaya namah”, 6000 times in 40 days.

सुर्य ग्रह

सुर्य के द्वारा ही सम्पूर्ण विश्व में ऊजाला होता है.

सूर्य सुर्य मंत्र साधना ही शिव जी आश्रीवाद से सम्पूर्ण जगत के पालक बने हुऐ हैं । सूर्य के बिना जगत की कल्पना मात्र भी सम्भव नहीं है । देव ग्रहों की श्रेणी में आने वाले सूर्य स्वभाव से क्रूर माने जाते हैं । आत्मा के कारक सूर्य देव की उपासना का प्रचलन भारत में वैदिक कल से ही रहा है । ये पेट, आँख, हड्डियों, हृदय व चेहरे का प्रतिनिधित्व करते हैं । सूर्य सातवीं दृष्टि से देखते हैं व इनकी दिशा पूर्व है । सूर्य की महादशा छः वर्ष की होती है । कुंडली के दशम स्थान में सूर्य देवता (Sun Planet ) को दिशा बल मिलता है । चंद्र, मंगल, गुरु सूर्य देव के मित्र व शुक्र तथा शनी शत्रु की श्रेणी में आते हैं । ज्योतिष शास्त्र में मेष लग्न की कुंडली में सूर्य को इष्ट देव माना जाता है । सिंह लग्न की कुंडली के इष्ट देव वृहस्पति देवता होते हैं । कृतिका , उत्तराशाढा व उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र सूर्य देव से सम्बन्धित हैं । पिता के कारक सूर्य देवता मेष राशि में उच्च व तुला राशि में नीच के माने जाते हैं

सुर्य

दिन – रविवार
रंग – लाल
अंक – 1
दिशा – पूर्व
राशिस्वामी – सिंह ( Leo )
नक्षत्र स्वामी – कृतिका, उत्तराशाढा, और उत्तराफाल्गुनी
रत्न – माणिक्य (Ruby)
धातु – सोना (Gold)
देव – शिव (Lord Shiva)
मित्र ग्रह –गुरू ग्रह , चंद्र चन्द्र🌛 और मंगल
शत्रु ग्रह – शुक्र, ओर शनि
उच्च राशि – मेष (Aries)
नीच राशि – तुला (Libra)
मूल त्रिकोण – सिंह (Leo)
महादशा समय – 6 वर्ष
सूर्य का बीज मन्त्र – ‘ॐ हृां ह्रीं हृौं सः सूर्याय नमः
सूर्य का मूल मंत्र – ॐ सूर्याय नम:

विधि – सुर्य यन्त्र व माला लेकर सुर्य शान्ति जाप करे.

सूर्य ग्रह का जनम कुंडली में अशुभ होना विशेष प्रकार के कष्ट दे सकता है! इनमे से कुछ प्रमुख है जैसे:

रक्तचाप का बढ़ जाना
नेत्र सम्बंधी विकार हो जाना
बालों का झड़ना या गंजापन आ जाना
तेज़ ज्वर से पीड़ित होना
हड्डियों सम्बन्धी विकार होना
पिता से सम्बन्ध ख़राब हो जाना
विद्या, धन, यश व मान- सम्मान में कमी आना

माँस मदिरा के सेवन में लिप्त होना
आध्यात्मिक रुचि का क्षीण हो जाना
पुत्र प्राप्ति में बाधा उत्पन्न हो जाना या होने के बाद जीवित ना रहना
लांछन लगना, किसी और के किए का ग़लत परिणाम भुगतना
सरदर्द, बुखार, नेत्र रोग, मधुमेह, मोतीझारा, पित्त रोग, हैज़ा आदि बीमारियाँ हो जाना है.

सूर्यसूर्य मंत्र साधना

सूर्य मंत्र Sun Mantra रविवार का दिन सूर्य उपासना के लिए सबसे उत्तम माना गया है। इस दिन सूर्य को जल चढ़ाने, मंत्र का जाप करने और सूर्य नमस्कार करने से बल, बुद्धि, विद्या, वैभव, तेज, ओज, पराक्रम व दिव्यता आती है।

यदि जन्म कुंडली में सूर्य अशुभ हो जायें तो जातक को प्रत्येक सुबह सूर्य देवता को जल अर्पित करना चाहिये
प्रत्येक रविवार का व्रत रखें
नित्य सूर्य पूजन , अर्चना करें
सूर्य देव के आराध्य शिव की पूजा करें
शिव को बिल्व पत्री चढ़ावें
जो जातक सूर्य रत्न ना ख़रीद सकें बिल्वपत्र की जड़ रविवार को हस्त या कृतिका नक्षत्र में लाल धागे से पुरुष दाएँ व स्त्रियाँ बायीं बाजु में बाँधें
जातक को पिता व पिता तुल्य व्यक्तियों का सम्मान करना चाहिए व इनका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए
जहाँ तक सम्भव हो बुज़ुर्गों का अपमान करने से बचें
अपने वज़न के बराबर गेहूँ , लाल वस्त्र , लाल मिठाई , सोने के रबे , कपिला गाये , गुड व ताम्बा किसी ग़रीब ब्राह्मण को दान करें

शुभ रत्न : – Shubh ratna (Stones) for Surya Graha (Sun Planet )

यदि जातक की कुंडली में सूर्य देव शुभ परंतु कमज़ोर हों तो ऐसी स्थिति में माणिक्य रत्न धारण किया जा सकता है ।माणिक्य रत्न चढ़ते पक्ष में रविवार को अनामिका (Ring Finger ) में धारण किया जाता है । इसे सोने , पीतल या ताम्बे की अँगूठी में धारण करना चाहिये । यहाँ उल्लेखनीय है की कुंडली सम्बन्धी कोई भी उपाय करने से पहले किसी योग्य विद्वान से परामर्श अवश्य लें। कौतुहलवश किया गया कोई भी उपाय आपके लिए और बड़ी समस्या खड़ी कर सकता ह ।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी नवग्रह

  1. सूर्य Sun
  2. चद्र ग्रह Moon
  3. मंगल Mars
  4. बुध ग्रह Mercury
  5. ब्रहस्पति Jupitor
  6. शुक्र ग्रह Venus
  7. शनि ग्रह Satrun
  8. राहू ग्रह Rahu
  9. केतु Ketu

जातक की कुंडली में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभाव दिखाते है | यह निर्भर करता है जातक की लग्न कुंडली में कि कौन सा गृह कौन से भाव में बैठा है | कुंडली में नकारात्मक प्रभाव देने वाले ग्रहों को ही गृहदोष की श्रेणी में रखा जाता है व समय रहते इनके उपाय भी किये जाते है |

जातक की लग्न कुंडली में एक गृह से लेकर 7 ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव एकसाथ हो सकते है सभी के सभी 9 ग्रहों/Navgrah का ख़राब होना इसकी सम्भावना न के बराबर ही होती है | जातक की कुंडली में गृह दोष उन्हें शारीरिक, मानसिक और आर्थिक सभी प्रकार से कष्ट देते है | नवग्रह शांति की पाठ-पूजा का विधान है इसलिए किसी विद्वान् गुरू द्वारा या आप खुद भी नवग्रह की पूजा संपन्न कर सकते है.

विधि – नवग्रह यत्रं ओर माला मंत्र सिद्ध ले कर जो आप धर बैठे Tantra Shop से मगवां कर मंत्र जाप करें.


Awake spiritual energy kundalini by mantra click[/caption Nav Durga

🌹🌿🌾🌸🌷🍀🌻🌼🍁🍀🐢

  1. SailPutri
  2. BrahmaCharni
  3. ChandraGhanta
  4. Kusmanda
  5. Sakand Mata
  6. Katayani
  7. KalaRatri
  8. MahaGauri
  9. SidhiDatri
  10. नवरात्रे Navratra
  11. Kanjak Puja

Ten Great goddess of universe

  1. Mahakali
  2. Tara Devi
  3. Tripura Sundri
  4. Bhuvaneshwari
  5. Bharavi Devi
  6. Chhinnamasta
  7. Dhumavati
  8. Baglamukhi Devi
  9. Matangi
  10. Kamala (Lalshmi)